तेल अवीव, 08 अक्टूबर।
इजराइल में 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले की तीसरी बरसी के मौके पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी लिकुड ने सुरक्षा विफलताओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अपना पक्ष रखा। पार्टी ने चैनल-12 पर नेतन्याहू के खिलाफ कथित राजनीतिक प्रचार चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमले की सुबह प्रधानमंत्री को पहले से कोई चेतावनी नहीं मिली थी। लिकुड के मुताबिक, नेतन्याहू को हमले की पहली जानकारी सुबह 6:29 बजे मिली। पार्टी ने उस समय के खुफिया आकलनों का हवाला देते हुए कहा कि हमास को नियंत्रित स्थिति में माना जा रहा था और उसके तनाव कम करने के प्रयासों का आकलन किया गया था। हालांकि, लिकुड ने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ अधिकारियों को हमले से पहले के घंटों में खतरे के संकेत मिले थे, लेकिन इन सूचनाओं को प्रधानमंत्री, पुलिस, सीमा से लगे समुदायों, स्थानीय सुरक्षा टीमों, सैनिकों और नोवा संगीत समारोह में मौजूद लोगों तक समय रहते नहीं पहुंचाया गया। पार्टी का दावा है कि अगर प्रधानमंत्री को वास्तविक समय में खतरे की जानकारी मिलती तो घटनाक्रम अलग हो सकता था।
लिकुड ने अपने बयान में नेतन्याहू के नेतृत्व में युद्ध के दौरान इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया तथा चैनल-12 पर दक्षिणपंथी सरकार को हटाकर वामपंथी और अरब दलों की सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। पार्टी ने दावा किया कि ऐसी सरकार फिलिस्तीन राज्य की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ सकती है। ये आरोप लिकुड के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। इस बीच, नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर की तीसरी बरसी पर पीड़ित परिवारों और हमले से बचे लोगों द्वारा आयोजित कई स्मृति कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लिया। वह सोमवार को सरकार की ओर से निर्धारित आधिकारिक हिब्रू कैलेंडर की तारीख पर आयोजित स्मृति कार्यक्रम में शामिल हुए थे। बरसी के अवसर पर 7 अक्टूबर की सुरक्षा विफलता को लेकर इजराइल में राजनीतिक और सार्वजनिक बहस जारी है। नेतन्याहू पहले भी सुरक्षा अधिकारियों पर हमले से पहले उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं देने का आरोप लगा चुके हैं, जबकि विपक्ष और अन्य आलोचक सरकार से इस घटना की जवाबदेही तय करने की मांग करते रहे हैं।













