काठमांडू, 09 अक्टूबर।
नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के अतिरिक्त महानिरीक्षक (एआईजी) वंशी राज दाहाल पर पद के गरिमा और आचरण के विरुद्ध कार्य करने का गंभीर आरोप साबित हुआ है, जिसके बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस मामले की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट गृहमंत्री सुदन गुरुंग को सौंप दी है। रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि दाहाल ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश चोलेन्द्र शमशेर राणा के करीबी माने जाने वाले बिचौलिए इनाम सापकोटा के साथ मिलकर राज्य की कुछ संवेदनशील और गोपनीय सूचनाएं लीक की थीं। इस संगीन कदाचार के मद्देनजर जांच समिति ने सशस्त्र पुलिस नियमावली के प्रावधानों के तहत सेवा से बर्खास्तगी तक की कड़ी विभागीय सजा देने की सिफारिश की है।
जांच के दौरान दाहाल ने सापकोटा के साथ अपनी बातचीत होने की बात स्वीकार की है, जिसके पुख्ता डिजिटल साक्ष्यों को रिपोर्ट में शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह पहला अवसर है जब सशस्त्र पुलिस बल में किसी उच्च पदस्थ एआईजी के खिलाफ गृह मंत्री के स्तर से इस प्रकार की सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। हाल ही में एआईजी दाहाल के चार वर्ष के कार्यकाल को एक वर्ष और बढ़ाने के लिए मुख्यालय से अनुशंसा भेजी गई थी, किंतु इस गंभीर प्रशासनिक और कानूनी विवाद के सामने आने के बाद अब उनकी सेवा अवधि विस्तार की सभी संभावनाएं समाप्त हो चुकी हैं तथा गृह मंत्रालय द्वारा उन्हें नोटिस जारी कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।













