वाशिंगटन, 09 अक्टूबर।
ईरान के खिलाफ अपनी आर्थिक रणनीतियों को और अधिक आक्रामक बनाते हुए अमेरिका ने उसके तेल व्यापार, वित्तीय नेटवर्क और इससे जुड़े 17 जहाजों पर नए और कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, ये तमाम जलपोत तेहरान के कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और पेट्रोकेमिकल्स की ढुलाई में सक्रिय रूप से इस्तेमाल किए जा रहे थे। यह ताजा कार्रवाई वित्त मंत्रालय के ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ अभियान के तहत की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरानी सरकार की उन तमाम वित्तीय धमनियों को ब्लॉक करना है, जिनका उपयोग सैन्य गतिविधियों, मिसाइल विकास, साइबर हमलों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के वित्तपोषण के लिए किया जाता है।
अमेरिकी प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कदम ईरान के शेष बचे अवैध समुद्री ढांचे पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार है, जिससे उसके तेल निर्यात से होने वाली आय पर गहरा दबाव पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच हालिया समझौता वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने जुलाई के मध्य में ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी की व्यवस्था फिर से लागू कर दी थी। अमेरिकी आंकड़ों के अनुसार, इस कठोर नाकाबंदी के दायरे से बाहर बचे ईरानी जहाजों पर वर्तमान में लगभग दो करोड़ बैरल कच्चा तेल शेष है, जबकि इसके मुकाबले वैश्विक स्तर पर प्रतिदिन लगभग दस करोड़ बैरल तेल की खपत दर्ज की जाती है।












