वाशिंगटन, 09 अक्टूबर।
अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया है कि वर्ष 2009 में टेक्सास के फोर्ट हुड सैन्य बेस पर अंधाधुंध गोलीबारी कर 13 लोगों की जान लेने और 32 अन्य को घायल करने वाले दोषी मेजर निदाल हसन को आगामी 03 दिसंबर को सबके सामने सार्वजनिक रूप से सजा-ए-मौत दी जाएगी। पेंटागन के अनुसार, फायरिंग स्क्वाड के माध्यम से दी जाने वाली इस सजा को लाइव स्ट्रीम भी किया जाएगा, ताकि लोग इसके गंभीर परिणामों को प्रत्यक्ष रूप से देख सकें। अमेरिकी इतिहास में पिछले 90 वर्षों में ऐसा पहली बार होगा जब किसी मौत की सजा को इस तरह सार्वजनिक रूप से प्रसारित किया जाएगा, जबकि अमेरिकी सेना द्वारा वर्ष 1961 के बाद दी जाने वाली यह पहली और 1945 के बाद फायरिंग स्क्वाड से दी जाने वाली पहली सजा होगी।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस मृत्युदंड को मंजूरी दिए जाने के बाद, यह तय किया गया है कि सजा उसी फोर्ट हुड बेस पर ठीक दोपहर एक बजे (सेंट्रल स्टैंडर्ड टाइम) दी जाएगी, जिस समय वास्तव में यह भयावह हमला हुआ था। इस ऐतिहासिक और दुर्लभ कदम पर टिप्पणी करते हुए रक्षा अधिकारियों ने बताया कि डेथ पेनल्टी इनफॉर्मेशन सेंटर के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में अमेरिका के गिने-चुने राज्य ही इस तरीके की अनुमति देते हैं। इस बीच, इस कड़े फैसले से अमेरिका में एक बार फिर सैन्य न्याय प्रणाली और गंभीर अपराधों के लिए दी जाने वाली सजाओं की पारदर्शिता को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है।













