सहरसा, 9 अक्टूबर।
ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल सेवाओं और वित्तीय सुविधाओं से जोड़ने के साथ उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को कार्यशाला आयोजित की गई। बीएआईएफ द्वारा संचालित और एल एंड टी फाइनेंस से वित्तपोषित डिजिटल सखी परियोजना के तहत सतर कटैया और कहरा संकुल की ओर से होटल कोशी विहार में यह आयोजन हुआ।
कार्यशाला में ग्रामीण महिलाओं की आजीविका मजबूत करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और उन्हें सरकारी योजनाओं व उपलब्ध संसाधनों से जोड़ने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी वीरेंद्र राय, कृषि विज्ञान की वैज्ञानिक सुनीता पासवान और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस दौरान महिला उद्यमियों और डिजिटल सखियों ने अपने कामकाज, अनुभवों, उपलब्धियों और व्यवसाय के दौरान आने वाली परेशानियों को साझा किया। जिला वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी वीरेंद्र राय ने महिलाओं को वानिकी से जुड़े आजीविका के अवसरों और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
कृषि विज्ञान की वैज्ञानिक सुनीता पासवान ने कृषि आधारित रोजगार, आधुनिक कृषि तकनीकों, प्रशिक्षण और इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में बताया।
कार्यशाला में एयरटेल पेमेंट बैंक की टीम ने महिलाओं और डिजिटल सखियों को साइबर सुरक्षा तथा डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव का प्रशिक्षण दिया। इसके साथ ही ग्राहक सेवा केंद्र खोलकर स्वरोजगार शुरू करने और रोजगार के नए अवसर विकसित करने के तरीकों की जानकारी भी दी गई।
बीएआईएफ के जिला परियोजना प्रबंधक ऋषभ कुमार ने महिला उद्यमिता और डिजिटल सशक्तिकरण की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि डिजिटल सखी परियोजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल सेवाओं, वित्तीय जागरूकता, सरकारी योजनाओं और आजीविका के अवसरों से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में बीएआईएफ की टीम, डिजिटल सखियां, महिला उद्यमी और अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे। यह परियोजना ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के साथ उन्हें उद्यमिता और आजीविका के बेहतर अवसरों से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।














