गुवाहाटी, 10 अक्टूबर।
असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने भारत-भूटान सीमा पर स्थित तामुलपुर जिले के पटकीजुली गांव का दौरा कर ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए सीमावर्ती गांवों को मजबूत बनाना, महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम करना और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
राज्यपाल ने पटकीजुली हाई स्कूल में सशस्त्र सीमा बल की 64वीं बटालियन के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह आयोजन नमो मातृभूमि सुरक्षा एवं स्वावलंबन संकल्प सप्ताह के तहत किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक कल्याण से जुड़ी गतिविधियां हुईं।
आचार्य ने स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों और स्वयं सहायता समूहों से संवाद करते हुए कहा कि सीमावर्ती गांवों का विकास विकसित भारत के लक्ष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों के समर्पण की सराहना की और नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को प्रमाण-पत्र दिए और उन्हें स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही, 20 विद्यार्थियों के दल को 10 से 15 अक्टूबर तक कोलकाता की यात्रा के लिए रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को देश की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराना और राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत करना है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य जागरूकता, मोटे अनाज के प्रति जानकारी और नशामुक्ति की शपथ जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इसके बाद राज्यपाल ने दरंगा सीमा चौकी पहुंचकर जवानों से मुलाकात की और उनके साथ सामूहिक भोज में शामिल हुए।














