वाराणसी, 10 अक्टूबर।
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी स्थित अलईपुरा क्षेत्र में विराजित माता शैलपुत्री का ऐतिहासिक मंदिर शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन पूरी तरह भक्तिमय माहौल में सराबोर होने जा रहा है। नवरात्र के पावन अवसर पर माता के दर्शन और पूजन के लिए तड़के से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर प्रांगण पहुंचेंगे। इस बार मंदिर दर्शन के लिए जाने वाले भक्तों को रेलवे फाटक पर लगने वाले भीषण जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि रेलवे द्वारा यहां एक नया अंडरपास बनकर तैयार कर दिया गया है।
हालांकि रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए अंडरपास का निर्माण तो पूरा कर लिया गया है, लेकिन उसके दोनों तरफ आसपास के घरों का कूड़ा-कचरा धड़ल्ले से फेंका जा रहा है। नगर निगम की ओर से कचरा प्रबंधन में हो रही देरी के कारण वहां गंदगी और कूड़े का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने नवरात्र की शुरुआत से पूर्व ही इस कचरे को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है।
माता शैलपुत्री मंदिर के पुजारी परिवार के सदस्य प्रेम ने कहा कि शारदीय नवरात्र के दौरान प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दूर-दराज से माता के दर्शन करने आते हैं। ऐसे में नगर प्रशासन को मंदिर के आसपास तथा सभी प्रमुख पहुंच मार्गों पर व्यापक सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। अंडरपास के समीप एकत्रित कचरे के ढेर को तुरंत साफ कराया जाना अत्यंत आवश्यक है।
स्थानीय निवासी मनोज गुप्ता ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि माता के भक्तों के लिए नवरात्र का पहला दिन बेहद खास और पवित्र होता है। पहले दिन शैलपुत्री माता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की अगाध भीड़ उमड़ती है, जिसकी गिनती करना भी संभव नहीं होता। इस संवेदनशील स्थिति को देखते हुए नगर निगम को कचरा प्रबंधन पर गंभीरता दिखानी चाहिए। संबंधित अधिकारियों को स्वतः संज्ञान लेते हुए अंडरपास के पास एकत्र कूड़े को हटवाने के त्वरित निर्देश जारी करने चाहिए।














