भारतीय सेना की भैरव बटालियन और संयुक्त अरब अमीरात की पर्वतीय पैदल सेना बटालियन के जवान इस अभ्यास में शामिल हैं। शुरुआती चरण में सैनिकों ने शारीरिक प्रशिक्षण, जिउ-जित्सु, त्वरित प्रतिक्रिया के साथ निशानेबाजी और चट्टानों पर चढ़ने का अभ्यास किया।
इसके अलावा रस्सियों की मदद से नीचे उतरने, बाधाएं पार करने, हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे उतरने और दिन-रात गोलीबारी का प्रशिक्षण दिया गया। सैनिकों को दुर्गम पहाड़ी इलाकों में सैन्य अभियान संचालित करने की तकनीकें भी सिखाई गईं।
अभ्यास के अगले चरण में संयुक्त योजना तैयार करने, सामरिक गतिविधियों, निगरानी व्यवस्था विकसित करने, ड्रोन संचालन और विभिन्न बाधाओं को पार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एकीकृत मैदानी अभ्यास के जरिए चुनौतीपूर्ण पहाड़ी क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक की मदद से सैन्य अभियान चलाने का अभ्यास भी होगा।
रक्षा जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल चेतन सिंह कबसूड़ी के अनुसार, इस संयुक्त अभ्यास से दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल और सामरिक दक्षता बढ़ाने में मदद मिल रही है। सैनिकों को पहाड़ी युद्ध की रणनीतियों और कार्यप्रणालियों के अनुभव साझा करने का अवसर भी मिल रहा है।
यह अभ्यास भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सैन्य सहयोग, आपसी विश्वास और पेशेवर संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।














