राजकोट, 13 अक्टूबर।
नवरात्रि के पावन पर्व पर गुजरात के राजकोट स्थित ऐतिहासिक रणजीत विलास पैलेस में क्षत्रिय समुदाय की महिलाओं और बेटियों ने परंपरा, शौर्य और भक्ति का अद्भुत संगम पेश किया। भगिनी सेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय पारंपरिक रासोत्सव के दौरान 200 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक तलवार रास के साथ-साथ दोपहिया और चार पहिया वाहनों पर भी तलवार बाजी के साहसिक करतब दिखाए। हथियारों के इस अनुठे प्रदर्शन ने एक तरफ जहां प्राचीन संस्कृति को जीवंत किया, वहीं दूसरी ओर शक्ति की उपासना के इस पर्व पर उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


राजकोट की महारानी कादंबरीदेवी ने बताया कि यह आयोजन क्षत्रिय बहनों द्वारा पूरी मेहनत से तैयार किया गया है, जिसमें तलवार रास के अतिरिक्त दिवाड़ा रास, थाली रास और टिप्पणी रास जैसे पारंपरिक नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। उन्होंने कहा कि इन कठिन स्टंट्स और कला के पीछे बहनों की एक महीने की कड़ी ट्रेनिंग शामिल है, जिसका उद्देश्य हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजना और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है। गौरतलब है कि भगिनी सेवा फाउंडेशन पिछले 15 वर्षों से सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय है, और चार साल पहले इसी संस्था के नेतृत्व में हजारों क्षत्रिय महिलाओं ने तलवार रास कर वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया था।















