शिमला, 14 अक्टूबर।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्पीति घाटी के रोंगटोंग में प्रदेश के पहले बैटरी भंडारण आधारित सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया। इसके साथ ही लाहौल-स्पीति और किन्नौर के सीमावर्ती क्षेत्रों में 116.28 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
काजा में 4.42 करोड़ रुपये की लागत से बने दो मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र में एक मेगावाट-आवर की बैटरी भंडारण व्यवस्था है। करीब 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस संयंत्र से सालाना 36 लाख यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है। दिसंबर 2024 में उत्पादन शुरू होने के बाद 30 सितंबर 2026 तक यहां 22,58,752 यूनिट बिजली बन चुकी थी। मुख्यमंत्री ने रोंगटोंग जलविद्युत परियोजना को पूरी तरह चालू करने के लिए छह करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की।
काजा और समदो में 47.95 करोड़ रुपये से बनने वाले विद्युत उप-केंद्रों की आधारशिला भी रखी गई। इनसे लंबी बिजली आपूर्ति लाइन के कारण होने वाली वोल्टेज संबंधी समस्याएं और तकनीकी नुकसान कम होने की उम्मीद है।
इसके अलावा पिन घाटी में 39.55 करोड़ रुपये से बनी चिदांग-तंगती खर तेलिंग सड़क और 24.36 करोड़ रुपये की लागत से उन्नत 12 किलोमीटर लंबी तांगयुत-हिक्किम सड़क का उद्घाटन किया गया। इनसे कृषि उत्पादों के परिवहन, पर्यटन, गांवों की पहुंच और जरूरी सेवाओं को लाभ मिलेगा।














