रावलपिंडी, 14 अक्टूबर।
पाकिस्तानी सैन्य बलों ने अपनी फतेह-2 मिसाइल प्रणाली के उन्नत और अधिक दूरी तक मार करने वाले संस्करण का सफल परीक्षण करने की बात कही है। सैन्य प्रचार विभाग के अनुसार, मंगलवार को अंजाम दिए गए इस प्रयोग का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ ठिकानों पर अधिक सूक्ष्मता के साथ हमला बोलने की योग्यता को सिद्ध करना था।
सैन्य सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस नई प्रक्षेपास्त्र प्रणाली में आधुनिक दिशा-निर्देशन तकनीक तथा अत्याधुनिक विमानिकी प्रणालियों का संयोजन किया गया है। सेना का मानना है कि उड़ान के दौरान मार्ग बदलने की सामर्थ्य और सटीक निशाने की खूबी के कारण यह विरोधी देश के सुरक्षा तंत्र को चकमा देने में अधिक सक्षम सिद्ध होगी।
इस प्रणाली के शामिल होने से सैन्य बल की दूर स्थित लक्ष्यों पर हमला करने की ताकत में वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। इसके उत्कृष्ट नियंत्रण और उन्नत कलपुर्जों को सटीक प्रहार के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, सेना ने इस प्रयोग के दौरान तय की गई वास्तविक दूरी, अधिकतम क्षमता, गति अथवा अन्य तकनीकी आंकड़ों का खुलासा नहीं किया है। इसके अतिरिक्त, इस प्रणाली को आधिकारिक रूप से सेना में शामिल करने की समयसीमा पर भी स्थिति साफ नहीं की गई है। इस दौरान रॉकेट फ़ोर्स कमांड के शीर्ष अधिकारी, वरिष्ठ सैन्य अफसर और निर्माण प्रक्रिया से जुड़े विशेषज्ञ उपस्थित थे।
सफल परीक्षण के पश्चात संबंधित सैन्य कमांडर ने इस तकनीक को विकसित करने वाले विशेषज्ञों और इंजीनियरों की कार्यकुशलता की प्रशंसा की।
इसके साथ ही देश के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर और तीनों सैन्य अंगों के प्रमुखों ने भी इस उपलब्धि पर वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
उल्लेखनीय है कि यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब बीते 6 अक्टूबर को ही 750 किलोमीटर से अधिक दूरी तक मार करने वाली स्वदेशी फतेह-4 क्रूज मिसाइल के उन्नत संस्करण के परीक्षण का दावा किया गया था। उसमें भी अत्याधुनिक दिशा-निर्देशन और विमानिकी तकनीक का प्रयोग कर दूरस्थ ठिकानों को साधने की क्षमता विकसित की गई थी।













