साहब युवा हैं और पहला जिला है। साहब तो अपने आप सुपर एक्टिव हो ही रहे हैं, लेकिन साहब की मैडम कुछ ज्यादा ही एक्टिव हैं। उन्हें भी बहुत दौरे करने पड़ते हैं और गाड़ी भी लग्जरी चाहिए। किसी विभाग से एक लग्जरी कार का इंतजाम तो हुआ, लेकिन परेशानी खत्म नहीं हुई। स्टाफ को एक जिले में दो साहबों का प्रोटोकॉल निभाना भारी पड़ रहा है।














