सिलीगुड़ी, 15 अक्टूबर।
दुर्गापूजा के उत्सव में विशेष जरूरतों वाले बच्चों को भी शामिल करने के उद्देश्य से महापंचमी की सुबह सिलीगुड़ी में विशेष पूजा परिक्रमा आयोजित की गई। राज्य के पर्यटन विभाग और स्वयंसेवी संस्था ‘उत्तरण’ ने नॉर्थ बंगाल हैंडीकैप रिहैबिलिटेशन सोसाइटी के सहयोग से यह पहल की। कार्यक्रम में करीब 290 बच्चे अपने अभिभावकों के साथ शामिल हुए। उनके लिए शहर के 14 पूजा पंडालों के दर्शन की व्यवस्था की गई। गुरुवार सुबह बाघाजतिन पार्क से सजी हुई बसों को पर्यटन मंत्री शंकर घोष और उत्तरण के प्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को दुर्गापूजा की रौनक करीब से देखने, पंडालों की सजावट का आनंद लेने और परिवारों के साथ त्योहार की खुशियां साझा करने का अवसर देना था।
पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने कहा कि दुर्गापूजा का उत्सव तभी सार्थक होता है, जब इसकी खुशियां समाज के हर वर्ग तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि त्योहार को केवल व्यक्तिगत आनंद या पूजा समितियों तक सीमित रखने के बजाय विशेष जरूरतों वाले बच्चों और बुजुर्गों के साथ भी खुशियां बांटनी चाहिए। इसी भावना के तहत बच्चों के लिए पूजा पंडालों के दर्शन के अलावा पूरे दिन खानपान और मनोरंजन की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में शामिल बच्चे शहर के अलग-अलग पंडालों को देखने और अपने दोस्तों के साथ त्योहार का आनंद लेने को लेकर उत्साहित नजर आए। इस पहल ने बच्चों और उनके परिवारों को दुर्गापूजा के उत्सव में भागीदारी का विशेष अवसर प्रदान किया।













