नई दिल्ली, 15 अक्टूबर।
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस ने बुधवार रात इंडिया गेट पर सत्याग्रह किया। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मामले में न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। प्रदर्शन में अंकिता के माता-पिता के साथ कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कई नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए।
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने बताया कि प्रदर्शन में शामिल कई लोगों को गुरुवार सुबह हिरासत में लिया गया था। हालांकि, करीब एक घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
चिब ने कहा कि अंकिता के माता-पिता पिछले चार वर्षों से न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें ही हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि परिवार को न्याय दिलाने के बजाय उसके सदस्यों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, उनके स्थान पर कांग्रेस के युवाओं और अंकिता के परिवार को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि परिवार लंबे समय से इंसाफ की मांग कर रहा है, लेकिन दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाकर पदोन्नति दी गई है।
चिब ने सवाल उठाया कि अंकिता को न्याय से वंचित रखने के लिए जिम्मेदार लोगों को आखिर कब तक संरक्षण दिया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन परिवार के साथ मिलकर न्याय की लड़ाई जारी रखेगा और प्रधानमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करता रहेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल के पद से नहीं हटाया गया, तो अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर देशभर में आंदोलन किया जाएगा। चिब ने स्पष्ट किया कि न्याय मिलने तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।














