शिमला, 17 अक्टूबर।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शनिवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.1 दर्ज की गई। भूकंप सुबह 4 बजकर 36 मिनट पर आया और कुछ सेकंड तक धरती में कंपन महसूस हुआ। भूकंप का केंद्र शिमला में 31.298 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.529 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था, जबकि इसकी गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। रामपुर क्षेत्र में तेज झटके महसूस होने के बाद कुछ लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। इससे पहले 26 अगस्त की सुबह भी शिमला में हल्के भूकंप के झटके आए थे। हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है और पुराने भूकंपीय मानकों के अनुसार राज्य के इलाके जोन-4 और जोन-5 में आते हैं। नए भूकंप डिजाइन कोड में हिमालयी क्षेत्र को जोन-6 में रखने का प्रस्ताव आया था, लेकिन बाद में केंद्र सरकार ने इस मानक को रद्द कर पुराने वर्गीकरण को बहाल कर दिया। वर्ष 1905 में कांगड़ा और चंबा में आए विनाशकारी भूकंप में 10 हजार से अधिक लोगों की जान चली गई थी।
दूसरी ओर, प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हाल में हुई बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ गई है। जनजातीय क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 23 अक्टूबर तक राज्य में बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है और अगले एक सप्ताह तक मौसम मुख्य रूप से साफ रह सकता है। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य रहने, जबकि न्यूनतम तापमान में थोड़ी गिरावट आने का अनुमान है। शनिवार को शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में दिन की शुरुआत धूप के साथ हुई। भूकंप के बाद फिलहाल शिमला जिले और आसपास के क्षेत्रों में नुकसान की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है।














