साओ पाउलो, 17 अक्टूबर।
ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान राजनीतिक सामग्री के प्रसार में कथित भेदभाव को लेकर सोशल मीडिया कंपनी मेटा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के चुनाव अभियान की शिकायत पर देश की शीर्ष चुनावी अदालत के एक न्यायाधीश ने कंपनी को दोनों राष्ट्रपति उम्मीदवारों के साथ समान व्यवहार करने का निर्देश दिया है। मेटा ने हालांकि राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।
लूला के चुनाव अभियान ने आरोप लगाया था कि इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सऐप पर इस्तेमाल होने वाले मेटा के एल्गोरिदम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े उपकरण विपक्षी उम्मीदवार फ्लेवियो बोल्सोनारो को लाभ पहुंचा रहे हैं। शिकायत के अनुसार, लूला और उनके समर्थकों की पोस्ट की पहुंच कथित तौर पर घटाई गई, जबकि विपक्ष से जुड़े कुछ खातों की सामग्री अधिक लोगों तक पहुंची।
चुनावी अदालत के न्यायाधीश मार्को ऑरेलियो बेलिज़े ने आदेश दिया कि मेटा राजनीतिक सामग्री की पहुंच घटाने, खोज परिणाम सीमित करने या पोस्ट हटाने जैसी गतिविधियों में ऐसा भेदभाव नहीं कर सकती, जिससे उम्मीदवारों के बीच असमानता पैदा हो। कंपनी के कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाले उपकरणों पर भी दोनों उम्मीदवारों के लिए समान नियम लागू करने की जिम्मेदारी होगी। आदेश का उल्लंघन करने पर प्रतिदिन पांच लाख ब्राजीलियाई रियास का जुर्माना लगाया जा सकता है।
लूला के चुनाव अभियान का दावा है कि व्हाट्सऐप के मेटा एआई फीचर से राष्ट्रपति के प्रचार अभियान से जुड़ी तस्वीरें बनाने में कुछ उपयोगकर्ताओं को परेशानी हुई। इसके विपरीत, आरोप है कि फ्लेवियो बोल्सोनारो के समर्थन में ऐसी सामग्री तैयार करने की सुविधा उपलब्ध थी।
मेटा ने इन घटनाओं को राजनीतिक भेदभाव का प्रमाण मानने से इनकार किया है। कंपनी के मुताबिक, अक्टूबर की शुरुआत में तकनीकी समस्याओं के कारण इंस्टाग्राम रील्स के दृश्य संख्या संबंधी आंकड़ों और पोस्ट से विज्ञापन तैयार करने वाले एक उपकरण पर असर पड़ा था। कंपनी का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी कुछ सीमाएं भी तकनीकी खामियों का परिणाम थीं, न कि किसी उम्मीदवार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश।
कंपनी ने कहा है कि वह ब्राजील के चुनावी कानूनों का पालन करती है और सभी उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों तथा विचारधाराओं पर समान नियम लागू करती है। मेटा ने आरोपों को अलग-अलग तकनीकी समस्याओं को जोड़कर तैयार की गई राजनीतिक कहानी बताया है।
हालांकि, बोल्सोनारो से जुड़े कुछ इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप चैनलों को एल्गोरिदम संबंधी सलाह दिए जाने के आरोप पर कंपनी की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इस मुद्दे पर विवाद जारी है।
रियो डी जेनेरियो के संघीय विश्वविद्यालय से जुड़े एक शोध समूह के अध्ययन में दावा किया गया है कि जुलाई से सितंबर के बीच मेटा के मंचों पर कम से कम 1,613 कथित अनियमित राजनीतिक विज्ञापन चलाए गए। अध्ययन के मुताबिक, इन विज्ञापनों को लगभग 17.1 करोड़ बार देखा गया और उनसे करीब 20 लाख ब्राजीलियाई रियास की आय हुई।
शोधकर्ताओं ने कहा कि ब्राजील के चुनावी नियमों में राजनीतिक विज्ञापन खरीदने को लेकर स्पष्ट प्रतिबंध हैं। ऐसे में इन विज्ञापनों और कथित नियम उल्लंघनों के संबंध में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया तथा नियामकीय निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
लूला सरकार ऑनलाइन सुरक्षा मजबूत करने और भ्रामक सूचनाओं तथा नफरत फैलाने वाली सामग्री पर कार्रवाई की मांग करती रही है। दूसरी ओर, आलोचकों का मानना है कि डिजिटल मंचों पर सख्त नियंत्रण से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है।
मेटा ने कहा है कि वह अदालत में अपना पक्ष रखेगी। अब मामले में अदालत के आदेशों के पालन, तकनीकी समस्याओं की जांच और राजनीतिक सामग्री के प्रसार में पारदर्शिता को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।













