नई दिल्ली, 17 अक्टूबर।
पंजाब में मादक पदार्थों से जुड़े आरोपों के बीच हुई दो हत्याओं और एक व्यक्ति की आत्महत्या के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से तीन अलग-अलग रिपोर्ट मांगी हैं। मंत्रालय ने घटनाओं की विस्तृत जानकारी और उन पर की गई कार्रवाई का ब्योरा देने को कहा है। इन मामलों के कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई गई है।
गृह मंत्रालय ने एक पत्र में पंजाब में नशीले पदार्थों और मन को प्रभावित करने वाले प्रतिबंधित रसायनों की कथित रूप से बड़े पैमाने पर बिक्री तथा दुरुपयोग के खिलाफ अभियान चला रहे एक कार्यकर्ता की हत्या पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। राज्य सरकार से घटना का पूरा विवरण और मामले में उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा गया है।
इसके साथ ही मंत्रालय ने केंद्रीय गृह मंत्री के मादक पदार्थ नियंत्रण संबंधी दृष्टि दस्तावेज 2026-2029 पर पंजाब सरकार की कार्रवाई का विवरण भी मांगा है। यह दस्तावेज इसी साल 10 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ साझा किया गया था।
एक अन्य पत्र में गुरदासपुर जिले के मारी पनवां गांव में तीन लोगों पर हुए हमले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इस घटना को लेकर आरोप हैं कि हमला मादक पदार्थों से संबंधित था। गृह मंत्रालय ने मामले की गंभीरता और राज्य में कानून-व्यवस्था पर पड़ सकने वाले असर को देखते हुए सरकार से पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
मंत्रालय ने नशे की लत से जूझ रहे एक युवक के पिता की आत्महत्या के मामले में भी रिपोर्ट तलब की है। आरोप है कि गांव की पंचायत की ओर से उन्हें लगातार परेशान किया गया और उन पर दबाव बनाया गया, जिसके चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली।
गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से तीनों मामलों की विस्तृत जानकारी मांगी है, ताकि घटनाओं से जुड़े तथ्यों और अब तक की गई कार्रवाई का आकलन किया जा सके।














