मंडी, 17 अक्टूबर।
एशियाई खेलों की मैराथन में भारत को 44 साल बाद रजत पदक दिलाने वाले धावक सावन बरवाल पदक जीतने के बाद पहली बार अपने गृह क्षेत्र जोगिंदरनगर पहुंचे। यहां उनके स्वागत में जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनका अभिनंदन किया। लोगों ने उन्हें फूलों और नोटों के हार पहनाए। अपने खिलाड़ी की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे।
सावन ने स्वागत से अभिभूत होकर सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि देश के लिए पदक जीतकर अपने घर, गांव, जिले और प्रदेश लौटना उनके लिए खास अनुभव है। इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने देशवासियों के प्रोत्साहन और हौसला बढ़ाने वाले समर्थन को दिया।
मैराथन के अनुभव पर उन्होंने बताया कि दौड़ चुनौतीपूर्ण थी। शुरुआती पांच से छह किलोमीटर में बढ़त बनाने का लक्ष्य रखा था और उसे अंत तक कायम रखने में सफलता मिली।
आगे की तैयारी के बारे में सावन ने कहा कि अब उनका ध्यान विश्व चैंपियनशिप पर है। इसके बाद उनका प्रमुख लक्ष्य ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करना और बेहतर प्रदर्शन करना होगा।














