इलिनोइस, 17 अक्टूबर।
अमेरिका के इलिनोइस राज्य में ऑरोरा स्थित बालाजी मंदिर पर बड़े पैमाने पर गोलीबारी की कथित योजना बनाने के आरोप में 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस को गिरफ्तार किया गया है। उस पर मंदिर को निशाना बनाने की साजिश रचने और आतंकवादी धमकी देने के आरोप हैं। अधिकारियों के अनुसार, समय रहते सूचना मिलने से पुलिस संभावित हमले को रोकने में सफल रही।
पैलेटाइन पुलिस के मुताबिक, आरोपी के एक सहकर्मी ने उसके संदिग्ध संदेशों की जानकारी पुलिस को दी थी। सहकर्मी ने जांचकर्ताओं को बताया कि आरोपी खुद को श्वेत वर्चस्ववादी बताता था और भारतीयों के खिलाफ हिंसा की बातें करता था। पुलिस का कहना है कि उसने कथित तौर पर 11 अक्टूबर को एक बड़े हिंदू मंदिर पर हमले की योजना का जिक्र किया था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी कथित घटना से पहले ऑरोरा स्थित बालाजी मंदिर की पार्किंग में गया था। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और कथित साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के घर की तलाशी में बिना क्रमांक वाली एआर शैली की राइफल, कई भरी हुई मैगजीन, सैकड़ों कारतूस और सुरक्षा कवच वाली सामरिक जैकेट मिली है। इसके अलावा, वहां से कुछ ऐसी सामग्री भी बरामद हुई है, जिसे नाजी प्रतीकों और श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा से जुड़ा बताया जा रहा है।
जांचकर्ताओं को आठ पन्नों का एक कथित घोषणापत्र भी मिला है। इसमें दक्षिण एशियाई समुदाय और विशेष रूप से भारतीयों के प्रति नफरत तथा हिंसा से जुड़े विचार दर्ज होने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार, दस्तावेज में हमले की योजना का उल्लेख है। अधिकारियों को संदेह है कि आरोपी लंबे समय से इसकी तैयारी कर रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी भी पुलिस की मदद कर रही है। आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले साक्ष्यों की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कथित साजिश में उसके अकेले शामिल होने की बात सामने आई है। हालांकि, हमले के पीछे की मंशा और 11 अक्टूबर की तारीख चुनने के कारणों की पड़ताल जारी है।
घटना के बाद शिकागो क्षेत्र के दक्षिण एशियाई समुदाय के प्रतिनिधियों ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा मजबूत करने और नफरत से प्रेरित अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने बताया कि घटना वाले दिन वह अपने परिवार के साथ ऑरोरा के मंदिर में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि किसी को भी अपने धर्म का पालन करते समय असुरक्षित महसूस नहीं होना चाहिए।
बालाजी मंदिर प्रशासन ने भी सुरक्षा बढ़ाने की जानकारी दी है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रशासन स्थानीय पुलिस के साथ लगातार संपर्क में है।
पुलिस और संघीय जांच एजेंसी मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल किसी अन्य संभावित खतरे की जानकारी नहीं मिली है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर आगे की सुनवाई अदालत में होगी।













