इमरान खान के वकील के अनुसार, शनिवार को अभिनेता की ओर से हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई। 14 अक्टूबर को जारी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि अभिनेता ने 10 अक्टूबर को अगस्त क्रांति मैदान के पास मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेकर इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट का उल्लंघन किया।
इस मामले में एफआरआरओ ने अभिनेता को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। इसमें कहा गया था कि उनके जवाब और संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा के बाद नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7ड(ई) के तहत उनका ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) पंजीकरण रद्द किया जा सकता है।
44 वर्षीय अभिनेता ने हाई कोर्ट से मांग की है कि याचिका पर अंतिम फैसला आने तक लीव इंडिया नोटिस के अमल पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने अंतरिम राहत के तहत अधिकारियों को उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने से रोकने की अपील की है। याचिका में देश से निर्वासित करने और लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करने जैसे संभावित कदमों पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।














