लखनऊ, 17 अक्टूबर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना करते हुए उनके स्वरूप को अधर्म, अत्याचार और आतंक के अंत का प्रतीक बताया। सोशल मीडिया पर अपने संदेश में उन्होंने कहा कि मां कालरात्रि दुष्टों और आसुरी शक्तियों का संहार कर भक्तों को भयमुक्त करती हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उस समय माफिया, दंगाइयों और अपराधियों के आतंक के कारण भय और अराजकता का माहौल था, जिससे महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता प्रभावित होती थी। उनके अनुसार, पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश सरकार की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति से कानून का राज मजबूत हुआ है। उन्होंने मिशन शक्ति, एकीकृत 1090 हेल्पलाइन, महिला बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी परियोजना जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य महिलाओं को घर, सड़क, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों पर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस रिस्पॉन्स टाइम वर्ष 2016 के 65 मिनट से घटकर पांच मिनट रह गया है। योगी आदित्यनाथ के अनुसार, सुरक्षा के बेहतर माहौल से महिलाएं अब नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं और प्रदेश में महिला श्रम बल की भागीदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को गति दे रही है। मुख्यमंत्री ने महिला भागीदारी को प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) और प्रति व्यक्ति आय में हुई तीन गुना वृद्धि से भी जोड़ा। उन्होंने मां कालरात्रि के संदेश के संदर्भ में न्याय, शांति और निर्भय समाज की स्थापना को महत्वपूर्ण बताया।














