पिछले दिनों भाजपा के एक कार्यक्रम में विपक्षी पार्टी के एक माननीय की पूरे आयोजन के दौरान उपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है। विपक्ष का यह मजबूत गढ़ ऐसा लगता है कि ढहने की कगार पर है, क्योंकि उस आयोजन में शामिल होने की जो वजह बताई गई, वह बहुतों को हजम नहीं हो रही।














