पिछले दिनों राजधानी से लगे हुए एक जिले में पूर्व मुखिया, जो वर्तमान में केंद्र में हैं, ने एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया। यहां मुख्यमंत्रीजी की तरह ही मंच, एलईडी और बड़ा वाटरप्रूफ डोम बनाया गया।
एसी और लाइट सहित इस बड़े आयोजन में दूल्हा आए, संबोधित किया और चले गए, लेकिन लगभग 15 लाख रुपये का बिल अब कौन भरेगा? ठेकेदार और आयोजन के लिए ड्यूटी पर लगाए गए अधिकारियों पर भुगतान का पहाड़ टूटता नजर आ रहा है। देखना यह है कि आखिर भुगतान कौन करेगा।














