चंडीगढ़, 21 अक्टूबर।
गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए समानांतर लाइसेंस जारी करने का मामला हरियाणा में गरमा गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को आपात बैठक की, वहीं ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रस्तावित बिजली कर्मचारी हड़ताल को देखते हुए हालात की समीक्षा की।
विज ने बताया कि राज्य सरकार विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण में अगले पांच से छह दिनों में अपील दायर करेगी और फैसले पर रोक लगाने का प्रयास भी करेगी। उन्होंने कहा कि आयोग स्वायत्त संस्था है और निजी कंपनियां कानून के तहत लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकती हैं। सरकार ने इस निर्णय का विरोध किया है।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए सरकार ने बिजली निगम के 25 अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें तत्काल कार्यस्थल पर लौटने के निर्देश दिए हैं। कर्मचारी संगठनों ने 22 अक्टूबर से तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। ऊर्जा मंत्री की ओर से बुलाई गई बैठक में संगठन के पदाधिकारी शामिल नहीं हुए। उन्होंने कम समय में सूचना मिलने और व्यस्तताओं का हवाला दिया।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी निजीकरण का विरोध किया। उन्होंने आशंका जताई कि समानांतर लाइसेंस से कृषि उपभोक्ताओं की बिजली व्यवस्था और किसानों को मिलने वाली सब्सिडी प्रभावित हो सकती है।














