सिंगापुर के मरीना बे सैंड्स स्थित सैंड्स एक्सपो एंड कन्वेंशन सेंटर में मंगलवार को भारतीय उच्चायुक्त डॉ. शिल्पका अंबुले ने मध्य प्रदेश के पवेलियन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन सचिव और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. सहित विभागीय अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधि मौजूद रहे। तीन दिवसीय आयोजन 23 अक्टूबर तक चलेगा।
विरासत और वन्यजीवों का आभासी अनुभव
पवेलियन में ऐतिहासिक स्मारकों, सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीवों, आध्यात्मिक स्थलों, स्वास्थ्य पर्यटन और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को प्रमुखता दी गई है। आभासी वास्तविकता तकनीक के माध्यम से विदेशी आगंतुक प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों का अनुभव ले रहे हैं। इसका उद्देश्य संभावित यात्रियों को गंतव्यों की विशेषताओं से परिचित कराना और उन्हें मध्य प्रदेश की यात्रा के लिए प्रेरित करना है।
प्रदेश के पारंपरिक खानपान को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जा रहा है। मुरैना की गजक और रतलामी सेव जैसे भौगोलिक संकेतक टैग प्राप्त उत्पादों के जरिए स्थानीय खाद्य संस्कृति को प्रदर्शित किया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय उत्पादों की पहचान बढ़ाने और स्थानीय कारोबार के लिए नए अवसर पैदा करने की संभावनाएं हैं।
कारोबारी बैठकों से पर्यटन को बढ़ावा
आईटीबी एशिया में मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड की टीम सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया के यात्रा संचालकों, एजेंटों और निवेशकों के साथ कारोबारी बैठकें कर रही है। इनका उद्देश्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों को विदेशी यात्रा कार्यक्रमों और पर्यटन पैकेजों में शामिल कराना है। साथ ही आतिथ्य सेवाओं, निवेश और व्यावसायिक साझेदारी के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं।
यह पहल भोपाल में आयोजित मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2025 के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन कारोबार बढ़ाने की दिशा में अगला कदम है। उस आयोजन में विरासत, वन्यजीव, ग्रामीण और साहसिक पर्यटन, पर्यावरण अनुकूल गतिविधियों तथा फिल्म पर्यटन की संभावनाओं को प्रमुखता दी गई थी।
तकनीक के जरिए वैश्विक पहचान
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में यात्रियों को केवल स्थलों की जानकारी देने के बजाय उनके अनुभव से जोड़ने पर जोर बढ़ रहा है। आईटीबी एशिया 2026 में अनुभव आधारित पर्यटन, स्वास्थ्य पर्यटन, विलासिता और सतत पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है।
ऑस्ट्रेलिया और कतर जैसे देश भी डिजिटल प्रस्तुतियों के जरिए अपने प्राकृतिक और सांस्कृतिक आकर्षणों को दुनिया के सामने रखते रहे हैं। मध्य प्रदेश का आभासी प्रदर्शन, स्थानीय व्यंजनों की प्रस्तुति और कारोबारी बैठकों पर जोर इसी बदलती रणनीति के अनुरूप है।
अब इस भागीदारी की सफलता इस बात से आंकी जाएगी कि कितने विदेशी यात्रा संचालक प्रदेश को अपने पैकेजों में शामिल करते हैं, कितनी साझेदारियां आगे बढ़ती हैं और विदेशी पर्यटकों की संख्या में कितना इजाफा होता है। इसके लिए बेहतर हवाई संपर्क, बहुभाषी सहायता, गुणवत्तापूर्ण आवास, सुरक्षित परिवहन और पर्यटन स्थलों के बीच सुगम यात्रा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी।














