काठमांडू, 21 अक्टूबर।
नेपाल के अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रतिबंधित इलाकों में विदेशी पर्यटकों की आवाजाही से सरकार को हर साल करोड़ों रुपये का भारी राजस्व प्राप्त हो रहा है। तिब्बत सीमा से सटे ऊपरी मुस्तांग और मनांग के नार-फू जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अनुमति पत्र के जरिए प्रवेश देने की व्यवस्था की गई है। अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र परियोजना के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में इन प्रतिबंधित स्थलों की यात्रा करने वाले विदेशी सैलानियों से प्रवेश शुल्क के रूप में 21 करोड़ 69 लाख 97 हजार 500 रुपये एकत्रित किए गए, जो सीधे संघीय सरकार के खाते में जमा हुए। आव्रजन कार्यालय के माध्यम से वसूले जाने वाले इस शुल्क के तहत ऊपरी मुस्तांग में 10 दिन के भ्रमण के लिए प्रति पर्यटक 500 अमेरिकी डॉलर और एक दिवसीय यात्रा के लिए 50 डॉलर तथा नार-फू क्षेत्र के 7 दिवसीय भ्रमण के लिए 100 डॉलर का शुल्क तय है।
इसके अतिरिक्त, सामान्य अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र में भी विदेशी पर्यटकों का नया रिकॉर्ड दर्ज हुआ है, जिससे कुल राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। बीते वित्त वर्ष में दक्षिण एशियाई देशों के 3.84 लाख से अधिक तथा अन्य देशों के 1.24 लाख से ज्यादा पर्यटकों सहित कुल 5,08,476 विदेशी नागरिकों ने इस क्षेत्र का दौरा किया, जिनमें सर्वाधिक 3,75,797 भारतीय पर्यटक शामिल थे। इस दौरान गैर-प्रतिबंधित क्षेत्रों के प्रवेश शुल्क से 67 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। परियोजना कार्यालय के अनुसार, प्रवेश शुल्क और अन्य स्रोतों से प्राप्त इस पूरी धनराशि का उपयोग स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों तथा पर्यटन विकास के विभिन्न कार्यक्रमों को बढ़ावा देने में किया जाता है।













