मुंबई, 21 अक्टूबर।
अरबपति मुकेश अंबानी के रिलायंस समूह से दो दशकों बाद आए देश के सबसे बड़े आईपीओ यानी जियो प्लेटफॉर्म्स के 3.2 अरब डॉलर के आईपीओ को बुधवार को बोली प्रक्रिया शुरू होने के महज दो घंटे के भीतर ही पूर्ण सब्सक्राइब कर लिया गया। मेटा और गूगल जैसे वैश्विक दिग्गजों द्वारा समर्थित 50 करोड़ से अधिक ग्राहकों वाली इस अग्रणी दूरसंचार कंपनी के सार्वजनिक निर्गम को लेकर संस्थागत निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया, जिन्होंने अपने आरक्षित कोटे से करीब 3.92 गुना अधिक बोलियां लगाईं। प्रति शेयर 1,065 से 1,119 रुपये के मूल्य दायरे में पेश किए गए इस आईपीओ के जरिए कंपनी का बाजार मूल्यांकन 108.3 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद यह देश की सबसे बड़ी मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो जाएगी।
आमतौर पर बड़े आईपीओ में शुरुआती सुस्ती के विपरीत जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रति निवेशकों की इस अप्रत्याशित भीड़ को कंपनी के मजबूत आधार, सस्ते डेटा मॉडल और विशाल ग्राहक आधार से जोड़कर देखा जा रहा है। एंकर निवेशकों के हिस्से को मिली 25 अरब डॉलर से अधिक की रिकॉर्ड बोलियों के बाद अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और ब्लैककॉक जैसी वैश्विक संस्थाओं को 853 मिलियन डॉलर के शेयर आवंटित किए गए हैं, जबकि खुदरा निवेशक और कर्मचारी शुक्रवार तक इसमें आवेदन कर सकते हैं। चालू वित्त वर्ष में 15.5 अरब डॉलर के राजस्व पर 3.2 अरब डॉलर का शुद्ध लाभ कमाने वाली जियो प्लेटफॉर्म्स के इस त्यौहारी सीजन में आए निर्गम से भारतीय प्राथमिक शेयर बाजार में नया इतिहास रचने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।














