रांची, 22 अक्टूबर।
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आधारभूत संरचना और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। युवाओं के ज्ञान, कौशल और रचनात्मकता से देश के विकास को नई दिशा मिल सकती है। राज्यपाल गुरुवार को रांची क्लब में आयोजित स्वर्णिम भारत एक्सपो 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने युवाओं से नशे से दूर रहने और शिक्षा, खेल, कौशल विकास तथा रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री के नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को नशे से बचाना और उन्हें सकारात्मक कार्यों से जोड़ना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही पूरा हो सकता है। सभी लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी, मेहनत और उत्कृष्टता के साथ योगदान देना चाहिए।
राज्यपाल ने झारखंड के दूरदराज गांवों के अपने भ्रमण का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रदर्शनी लोगों को सरकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीक, रोजगार और कौशल विकास के अवसरों से परिचित कराने में मददगार होगी।
झारखंड की विकास संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, समृद्ध जनजातीय विरासत, कला-संस्कृति और प्रतिभाशाली युवाओं से संपन्न इस राज्य में आगे बढ़ने की व्यापक संभावनाएं हैं। आधुनिक ज्ञान, तकनीक, कौशल और उद्यमिता के समन्वय से विकास को नई गति दी जा सकती है।
कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, राज्यसभा सदस्य आदित्य साहू, विधायक सीपी सिंह और महापौर रौशनी खलखो सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
22 से 24 अक्टूबर तक आयोजित इस राष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्देश्य केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, सरकारी संस्थानों की उपलब्धियों, वैज्ञानिक प्रगति और विकास संबंधी पहलों को आम लोगों तक पहुंचाना है। प्रदर्शनी में भारत की विकास यात्रा, नवाचार, आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को प्रदर्शित किया जा रहा है। इसके माध्यम से ‘मेक इन इंडिया’ से लेकर ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य तक की यात्रा के प्रति लोगों को जागरूक करने और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।














