काराकास, 22 अक्टूबर।
वेनेजुएला के सत्तारूढ़ दल यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी (पीएसयूवी) ने क्यूबा के भूतपूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर अमेरिका के फ्लोरिडा प्रांत में जारी हुए वारंट का कड़ा विरोध जताया है। पार्टी ने इस कदम को क्यूबा के शीर्ष नेतृत्व को भयभीत करने का एक प्रयास करार देते हुए लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई महाद्वीप के देशों से हवाना के समर्थन में उतरने का आह्वान किया है। एक जारी बयान में दल ने अपनी पूर्ण एकजुटता प्रकट करते हुए इस आदेश को सिरे से खारिज किया। पीएसयूवी का स्पष्ट कहना है कि यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय मानकों और क्यूबा की संप्रभुता पर सीधा कुठाराघात है, जिसका कोई ठोस कानूनी आधार मौजूद नहीं है। दल ने इस पूरे प्रकरण को हवाना पर कसते अमेरिकी दबाव की रणनीति से जोड़ते हुए उल्लेख किया कि इस वर्ष की शुरुआत से क्यूबा के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक पाबंदियाँ और अधिक कठोर कर दी गई हैं, जिससे आम नागरिकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस दौरान पीएसयूवी ने क्यूबा की स्वतंत्रता और उसके निवासियों के आत्मनिर्णय के अधिकार के प्रति अपनी पूर्ण निष्ठा दोहराई है।
उल्लेखनीय है कि कास्त्रो के विरुद्ध यह वारंट वर्ष 1996 में मियामी स्थित निर्वासित समूह ‘ब्रदर्स टू द रेस्क्यू’ के दो असैन्य जहाजों को हवा में नष्ट किए जाने के मामले से संबंधित है, जिसमें चार लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। इस हादसे के वक्त कास्त्रो क्यूबा के रक्षा विभाग का प्रभार संभाल रहे थे। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि विमानों पर हमले को स्वीकृति देने में उनकी सीधे तौर पर भूमिका थी। फ्लोरिडा के अटॉर्नी जनरल ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार इस त्रासदी में हुई जनहानि की जवाबदेही तय करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस नए आदेश के बाद कास्त्रो को उन सभी क्षेत्राधिकारों में हिरासत का जोखिम रहेगा, जो उन्हें फ्लोरिडा सौंपने के लिए सहमत होंगे। इस घटनाक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच काफी समय से कड़वाहट बनी हुई है, जहाँ क्यूबा का मानना है कि विमानों ने उसके वायुक्षेत्र की सीमाओं को लांघा था, वहीं वैश्विक नागरिक उड्डयन संगठन के अनुसार वे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के ऊपर उड़ रहे थे। इस विवाद ने वाशिंगटन और हवाना के रिश्तों में खिंचाव को और अधिक गहरा दिया है।













