वाराणसी, 22 अक्टूबर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गुरुवार को गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना के विमानों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। इस नजारे को देखने के लिए नदी के दोनों किनारों पर स्थित घाटों पर हजारों लोग जुटे। विमानों की गर्जना और आसमान में उनकी कलाबाजियों ने दर्शकों में जबरदस्त उत्साह भर दिया।
नमोघाट पर तीन दिवसीय विशाल हवाई प्रदर्शन ‘विंग्स ओवर गंगा’ की शुरुआत हुई। पहले दिन तीन किरण विमानों ने विजय के प्रतीक ‘वी’ आकार में उड़ान भरकर लोगों का ध्यान खींचा। विमानों की सटीक उड़ान और तालमेल देखकर दर्शकों ने तालियां बजाकर वायुसेना के जवानों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम की शुरुआत मणिकर्णिका की उत्पत्ति से जुड़ी प्रस्तुति, अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों और राष्ट्र वंदना से हुई। इसके बाद दशाश्व टीम ने शानदार हवाई संरचना प्रस्तुत की। सी-17 ग्लोबमास्टर और नौ सूर्यकिरण हॉक विमानों ने नमोघाट पर बने मुख्य मंच के ऊपर से उड़ान भरी। सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने गंगा के ऊपर आसमान में अपने कौशल का प्रदर्शन किया। भारतीय वायुसेना और थलसेना के तीन एएलएच मार्क-तीन हेलीकॉप्टर भी हवाई प्रदर्शन में शामिल रहे।
राफेल विमानों ने ‘केदार’ संरचना के तहत अपने करतबों से दर्शकों को रोमांचित किया। विमान ने हवा में उल्टी उड़ान सहित कई हैरतअंगेज युद्धाभ्यास किए। ‘हनुमान’ नाम से प्रस्तुत सुखोई-30 एमकेआई विमानों ने कम ऊंचाई पर हवाई करतब दिखाकर लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी। ‘सारंग’ प्रदर्शन के तहत हार्वर्ड विमान ने भी सटीक उड़ान कौशल का परिचय दिया।
‘ओंकार’ संरचना में तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टरों ने विक आकार में उड़ान भरी। इन हेलीकॉप्टरों के साथ राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय वायुसेना का ध्वज भी आसमान में लहराता नजर आया। पूरे प्रदर्शन के दौरान विमानों की गति, अनुशासन और आपसी तालमेल ने लोगों को प्रभावित किया।
रक्षा मंत्रालय के प्रयागराज स्थित जनसंपर्क अधिकारी देबार्थो धर ने नमोघाट पर बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को भारतीय वायुसेना की ताकत और कौशल से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि 24 अक्टूबर, शनिवार और 25 अक्टूबर, रविवार को भी गंगा के ऊपर हवाई प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इसमें कई लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में शामिल रहे विमानों का प्रदर्शन भी इस आयोजन का हिस्सा है।
कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना के अधिकारी और उनके परिवारजन, शहर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी व शिक्षक तथा देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए अतिथि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।














