तेहरान, 23 अक्टूबर।
कतर और फ्रांस द्वारा क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर बातचीत के दौरान 'ईरान संघर्ष' शब्द का इस्तेमाल करने पर ईरान ने सख्त नाराजगी जताई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने स्पष्ट किया कि 'ईरान संघर्ष' जैसी कोई स्थिति अस्तित्व में नहीं है। उन्होंने आग्रह किया कि वास्तविकता को दबाने के लिए भ्रामक शब्दावली का सहारा न लिया जाए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कतर और फ्रांस के बीच कूटनीतिक चर्चा से जुड़ी पोस्ट को साझा करते हुए बाघेई ने लिखा कि सच को घुमावदार शब्दों से नहीं छिपाना चाहिए। यह कोई 'ईरान संघर्ष' नहीं है, बल्कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के विरुद्ध छेड़ी गई एक गैर-कानूनी और आक्रामक जंग है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि किसी आक्रमण को उसके सही नाम से न पुकारना निष्पक्षता नहीं, बल्कि नैतिक जवाबदेही से पीछे हटना है। यदि हमलावर को चिह्नित करने और हमले को स्पष्ट रूप से हमला कहने का साहस नहीं दिखाया जा सकता, तो अन्याय के खिलाफ खड़े होने या शांति बहाल करने में सार्थक योगदान देने का दावा भी खोखला साबित होता है।
बाघेई का मानना है कि हमलावरों को शह देकर, आक्रामकता को सही ठहराकर या पीड़ित को जिम्मेदार बताकर शांति की स्थापना नहीं हो सकती। स्थायित्व और सच्ची शांति केवल सच्चाई को स्वीकार करने, न्याय का आदर करने और सही व गलत का फर्क स्पष्ट करने से ही संभव है।
उल्लेखनीय है कि कतर और फ्रांस ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय हालातों पर उच्चस्तरीय चर्चा की थी। इस बातचीत में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने और फारस की खाड़ी की सुरक्षा, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही, सीरिया व लेबनान की स्थिति जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया। इसी चर्चा में 'ईरान संघर्ष' शब्द के प्रयोग पर ईरान ने कड़ा एतराज व्यक्त किया है।













