गुवाहाटी, 23 अक्टूबर।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 16 अक्टूबर से अपनी 12 और रेलगाड़ियों का संचालन डीजल इंजन से हटाकर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर शुरू कर दिया है। हरित और ऊर्जा-कुशल रेल परिचालन की दिशा में इसे एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। इस नवीनतम विस्तार के साथ ही चालू वित्तीय वर्ष के भीतर अब तक कुल 30 ट्रेनों को विद्युत प्रणाली से जोड़ा जा चुका है। इससे ईंधन पर निर्भरता घटने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बड़ी गति मिली है।
रेलवे प्रशासन के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस बदलाव के अंतर्गत लचित एक्सप्रेस, डेकारगांव-सिलापथार एक्सप्रेस, रंगिया-मुरकंगसेलेक एक्सप्रेस, रंगिया-न्यू तिनसुकिया एक्सप्रेस, रंगिया-लीडो एक्सप्रेस और गुवाहाटी-लीडो इंटरसिटी एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल की गई हैं।
आंकड़ों के अनुसार, इस कदम से प्रतिवर्ष लगभग 98.55 लाख लीटर डीजल की बचत होगी, जिससे करीब 140 करोड़ रुपये के वित्तीय व्यय में कमी आएगी। इसके अतिरिक्त, वातावरण में प्रतिवर्ष होने वाले कार्बन उत्सर्जन में भी लगभग 26,411 टन की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। इंजन बदलने के समय में बचत होने से यात्रियों के समय की बचत होगी और ट्रेनों की समयबद्धता बेहतर होगी। वहीं एचओजी तकनीक के जरिए कोचों को सीधी बिजली मिलने से शोर और वायु प्रदूषण दोनों में राहत मिलेगी।














