ल्हासा, 23 अक्टूबर।
तिब्बत के नागकू शहर स्थित बाचेन काउंटी में बीती शाम आए 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण आपदा में 16 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 54 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
भूकंप के तेज झटकों के कारण सैकड़ों मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए और कई स्थानों पर भूस्खलन व पहाड़ियों से चट्टानें खिसकने की घटनाएं हुईं। प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं, जहां 1,600 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है।
नागकू मीडिया कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस आपदा में कम से कम 339 मकान और 20 मवेशी शेड पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं। घायल 46 लोगों में से 11 की हालत गंभीर बनी हुई है।
आपदा के बाद क्षेत्र के कई हिस्सों में संचार सुविधाएं ठप हो गई हैं। सुरक्षा के लिहाज से रेल प्राधिकारियों ने इस रूट पर ट्रेन सेवाओं को एहतियातन रोक दिया है।
मौसम विभाग ने प्रभावित इलाकों में अगले तीन दिनों तक रुक-रुक कर बर्फबारी होने की आशंका जताई है। इस पूर्वानुमान ने बेघर हुए नागरिकों और शून्य से नीचे के तापमान में काम कर रहे बचाव दल की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
भारत के राष्ट्रीय भूविज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप के झटके भारतीय समयानुसार रात 8:03 बजे दर्ज किए गए। इसका केंद्र ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर दूर नागकू शहर में 173 किलोमीटर की गहराई में था।














