मुंबई, 24 अक्टूबर।
देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने हाल ही में सामने आए संदिग्ध साइबर उल्लंघन से प्रभावित ग्राहकों को व्यक्तिगत रूप से सूचित कर दिया है। बैंक ने सभी उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि उनके खातों में जमा राशि और वित्तीय पूंजी पूरी तरह सुरक्षित है। डार्क वेब पर ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी लीक होने की आशंका के संबंध में 16 तारीख को सतर्कता खुफिया सेवा प्रदाता, रक्षा साइबर एजेंसी और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (सीईआरटी-इन) से मिले अलर्ट के बाद एसबीआई ने त्वरित जांच शुरू की थी। कुल 3.75 लाख रिकॉर्ड्स के शुरुआती विश्लेषण में 3,897 ग्राहकों के व्यक्तिगत विवरण जैसे नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल, जन्मतिथि और आवासीय पते उजागर होने की बात सामने आई, जिसके तुरंत बाद बैंक ने अपनी साइबर सुरक्षा प्रतिक्रिया प्रणाली और नियंत्रण उपायों को लागू कर दिया।
घटना की सूक्ष्म जांच और डेटा लीकेज की सीमा का सटीक आकलन करने के लिए एसबीआई ने सीईआरटी-इन द्वारा पैनलबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया है। बैंक प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि इस तकनीकी घटना से उनके व्यावसायिक संचालन, वित्तीय प्रदर्शन या सेवाओं की निरंतरता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है और सभी कोर बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं। इसके साथ ही एसबीआई ने अपने ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ईमेल का जवाब न दें और अपने ओटीपी, पिन या नेट बैंकिंग पासवर्ड कभी किसी के साथ साझा न करें।














