लखनऊ, 24 अक्टूबर।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) में आयोजित ‘टेकसंगम 2026’ में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने जोर देकर कहा कि साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम तकनीक और डेटा प्रोटेक्शन जैसे आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधानों को जनहित तथा निष्पक्ष न्याय व्यवस्था से जोड़ना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर विचार साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से पूर्व राज्य में मात्र दो फॉरेंसिक लैब और दो साइबर पुलिस थाने हुआ करते थे, जिससे वैज्ञानिक साक्ष्यों की कमी के कारण अपराधियों की दोषसिद्धि दर (कन्विक्शन रेट) 30 प्रतिशत से भी कम थी और वे आसानी से बच निकलते थे।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर थाने क्रियाशील हैं और हर मंडल में फॉरेंसिक लैब स्थापित करने का काम तेजी से चल रहा है। इस तकनीकी विस्तार के चलते राज्य में अपराधियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया में सुधार हुआ है और दोषसिद्धि दर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश के वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और उद्योगपतियों को एक मंच पर लाने वाला यह आयोजन अनुसंधान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा, जिससे आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को नई गति मिलेगी।














