सूरजपुर, 24 अक्टूबर।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड में निर्माणाधीन एकलव्य आवासीय विद्यालय और छात्रावास की गुणवत्ता पर कलेक्टर रेना जमील ने असंतोष जताया है। शनिवार को निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों के अनुरूप कमियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सुधार करने और जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने विद्यालय परिसर का जायजा लेकर प्रयोगशाला, रसोईघर, शौचालय और अन्य कक्षों की स्थिति देखी। उन्होंने पिछले निरीक्षण में सामने आई खामियों पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी ली। निर्माण की फिनिशिंग और गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और काम तय मानकों के अनुसार पूरा कराने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालय निर्माण की गुणवत्ता बच्चों के भविष्य से जुड़ा विषय है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
420 विद्यार्थियों की क्षमता वाले इस एकलव्य आवासीय विद्यालय का उद्देश्य क्षेत्र के आदिवासी विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवास की सुविधा देना है। विद्यालय शुरू होने पर दूरस्थ ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रहने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र पाटले, प्रतापपुर के अनुविभागीय अधिकारी रमेश मोर तथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।














