लखनऊ, 24 अक्टूबर।
अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक महत्व और विकास की झलक को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार दीपोत्सव-2026 के अवसर पर चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताएं आयोजित कर रही है। पर्यटन विभाग की इन प्रतियोगिताओं में सभी आयु वर्ग के प्रतिभागी हिस्सा ले सकते हैं। दोनों श्रेणियों के विजेताओं को दीपोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सम्मानित किया जाएगा। प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर है। चित्रकला प्रतियोगिता की थीम ‘कला के माध्यम से अयोध्या का उत्सव’ रखी गई है, जिसके तहत प्रतिभागियों को जलरंग से मौलिक पेंटिंग बनानी होगी। इसमें रामनगरी के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों, सांस्कृतिक परंपराओं, विकास कार्यों या दीपोत्सव की भव्यता को दर्शाया जा सकता है। पहले प्रकाशित, नकल की गई या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार कलाकृतियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। वहीं, रील मेकिंग प्रतियोगिता की थीम ‘नए रूप में अयोध्या’ है। इसमें 30 से 60 सेकंड का मौलिक वीडियो बनाना होगा, जिसमें अयोध्या की प्राचीन विरासत, विकास और दीपोत्सव के आयोजन की झलक होनी चाहिए। वीडियो में इस्तेमाल किए जाने वाले संगीत और अन्य सामग्री के लिए कॉपीराइट मुक्त संसाधनों का उपयोग जरूरी है। नकल, बिना अनुमति कॉपीराइट सामग्री, भ्रामक या आपत्तिजनक प्रस्तुतियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। एआई से तैयार सामग्री का अत्यधिक इस्तेमाल करने वाली प्रविष्टियां भी मान्य नहीं होंगी।
प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक लोग निर्धारित ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन और प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर निर्धारित है। सरकार का उद्देश्य रचनात्मकता और आधुनिक तकनीक के जरिए अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक महत्ता और विकास यात्रा को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करना है। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को अपनी कल्पनाशीलता दिखाने और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। आयोजकों को उम्मीद है कि देशभर से आने वाली कलात्मक और रचनात्मक प्रस्तुतियां दीपोत्सव की भव्यता को नई पहचान देंगी और अयोध्या की विरासत को वैश्विक मंच पर पहुंचाने में योगदान करेंगी।














