वाशिंगटन, 24 अप्रैल
इजराइल और लेबनान के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालात के बीच गुरुवार को वाशिंगटन में हुई राजदूत स्तरीय बातचीत के बाद तीन सप्ताह के सैन्य विराम पर सहमति बनी है। अमेरिकी मेजबानी में हुई इस बैठक के बाद यह निर्णय सामने आया, जिसमें दोनों पक्षों से चर्चा के उपरांत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी औपचारिक घोषणा की।
विदेश मंत्रालय की मध्यस्थता में हुई इस शांति वार्ता को सफल बताते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम को तीन सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इससे पहले 16 अप्रैल को शुरुआती 10 दिन का युद्ध विराम लागू किया गया था। ओवल कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद इस समझौते पर सहमति बनी।
इस बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, इजराइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी, लेबनान में अमेरिकी राजदूत मिशेल इस्सा सहित इजराइल और लेबनान के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल रहे। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वार्ता सकारात्मक रही और वे भविष्य में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तथा लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन की मेजबानी को लेकर उत्सुक हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय शांति के लिए ईरान को लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह को मिलने वाली वित्तीय सहायता बंद करनी होगी। वहीं हिजबुल्लाह ने बयान जारी कर दावा किया कि इजराइल द्वारा किए गए उल्लंघनों और दक्षिणी लेबनान में हुए हमलों के जवाब में रॉकेट दागे गए हैं।
इजराइली सेना ने कहा कि लेबनान से दागे गए कई रॉकेटों को रोक दिया गया है। दूसरी ओर, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पहले हुए इजराइली हमले में तीन लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद यह रॉकेट हमला हुआ।
इजराइल के रक्षा मंत्री ने कहा कि वे ईरान के खिलाफ कार्रवाई फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं और अमेरिका की मंजूरी का इंतजार है। वहीं ईरान ने भी किसी भी स्थिति का सामना करने की तैयारी की बात कही है। इस बीच एक पत्रकार की हत्या को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध जारी है।
अमेरिका में लेबनान की राजदूत ने भी व्हाइट हाउस में हुई चर्चा में इजराइली कार्रवाइयों और दक्षिणी क्षेत्रों में हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया तथा लेबनान के पुनर्निर्माण का संकल्प दोहराया।











