मीरजापुर, 03 अप्रैल 2026।
विंध्याचल धाम शुक्रवार को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया, जब देश के प्रसिद्ध कथावाचक राजन महाराज मां आदिशक्ति विंध्यवासिनी के दरबार में पधारे। उन्होंने विधिपूर्वक दर्शन-पूजन कर देश की समृद्धि, शांति और आमजन की खुशहाली की कामना की।
इस दौरान आचार्य अगस्त्य द्विवेदी की उपस्थिति में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। मां के चरणों में शीश नवाते हुए राजन महाराज ने कहा कि धर्म में अडिग विश्वास ही जीवन को संतुलित और सुखमय बनाता है। उनका कहना था कि धर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में प्रसन्न और धैर्यवान रहता है। विंध्याचल धाम के बदले स्वरूप को देखकर वे अत्यंत प्रभावित दिखाई दिए और इसके भव्य, स्वच्छ और सुव्यवस्थित विकास की सराहना की।
सूत्रों के अनुसार, राजन महाराज वर्तमान में प्रयागराज के हंडिया क्षेत्र में कथा कर रहे हैं और विशेष रूप से मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए विंध्याचल आए थे। उन्होंने शासन-प्रशासन की तारीफ करते हुए कहा कि यहां की यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और साफ-सफाई में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यह व्यवस्थाएं स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए भी सुविधाजनक और सहज हैं।
राजन महाराज ने कहा कि विंध्याचल धाम देश के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल है और यहां हर श्रद्धालु की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तेजी से हो रहे विकास से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी इसका विशेष योगदान होगा। उनके आगमन से स्थानीय भक्त उत्साहित नजर आए और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनसे आशीर्वाद ग्रहण किया तथा धार्मिक चर्चाओं में भाग लिया।











