नई दिल्ली, 09 मई।
भारतीय कुश्ती महासंघ ने स्टार पहलवान विनेश फोगाट को 10 मई से गोंडा में आयोजित होने वाली सीनियर ओपन रैंकिंग सीरीज में हिस्सा लेने से रोक दिया है। साथ ही महासंघ की ओर से उन्हें 15 पन्नों का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें अनुशासनहीनता और डोपिंग से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इस निर्णय के बाद पेरिस ओलंपिक के बाद संन्यास से उनकी संभावित वापसी फिलहाल टल गई है। महासंघ के अनुसार यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के नियमों के तहत संन्यास और वापसी से जुड़े प्रावधानों का पालन न होने के कारण विनेश 26 मई 2026 तक किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पात्र नहीं होंगी।
जारी नोटिस में उन पर कई आरोप लगाए गए हैं, जिनमें वेयरअबाउट्स जानकारी समय पर न देने, अनुशासनहीन आचरण और कुश्ती खेल तथा महासंघ के हितों के खिलाफ गतिविधियां शामिल हैं। इसके अलावा पेरिस ओलंपिक में वजन न बना पाने के कारण अयोग्यता, चयन ट्रायल में दो अलग-अलग भार वर्गों में भाग लेना और डोपिंग से संबंधित नियमों के उल्लंघन जैसे मामले भी दर्ज किए गए हैं।
महासंघ ने 2025 में कथित मिस्ड डोप टेस्ट का भी उल्लेख किया है, जिसकी जानकारी अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी द्वारा दी गई थी। नोटिस में यह भी कहा गया है कि उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित फैसलों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह माना जा रहा है कि उनके कार्य और चूक से खेल की छवि और संस्थागत नियमों को नुकसान पहुंचा है।
विनेश फोगाट से 14 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनकी न्यूनतम अनिवार्य अवधि पूरी न होने के कारण वे निर्धारित तिथि तक किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकेंगी।
यह घटनाक्रम विनेश फोगाट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वे पेरिस ओलंपिक विवाद के बाद संन्यास से वापसी की तैयारी कर रही थीं।



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