पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की पहली सरकार के गठन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐतिहासिक क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि 09 मई 2026 का दिन इतिहास में नई आशा, सम्मान और सुशासन के एक नए अध्याय के रूप में दर्ज किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा संदेश में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ को राज्य की राजनीति का महत्वपूर्ण मोड़ बताया। उन्होंने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने को अपने लिए सम्मानजनक अवसर बताया।
उन्होंने कहा कि 09 मई 2026 का दिन हमेशा विशेष महत्व रखेगा, क्योंकि यह दिन नई उम्मीद, गरिमा और बेहतर प्रशासन की शुरुआत का प्रतीक बनेगा। कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पहली बार भाजपा सरकार के गठन का साक्षी बनना गौरव की बात रही।
प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि यह शपथ ग्रहण समारोह पोइला बैसाख और गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर होना एक सुखद संयोग है। उन्होंने कहा कि समारोह में टैगोर को श्रद्धांजलि दी गई, जिनकी रचनाएं आज भी राष्ट्र की चेतना को दिशा देती हैं।
मोदी ने पश्चिम बंगाल की जनता को नमन करते हुए कहा कि जनसमर्थन लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है और यही जनसेवा का आधार बनता है। उन्होंने मुख्यमंत्री बने शुभेंदु अधिकारी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे जनता से गहराई से जुड़े नेता हैं और उनके नेतृत्व में राज्य के विकास को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने मंत्री बने दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक को भी बधाई दी और कहा कि इन नेताओं ने जमीनी स्तर पर काम करके जनता का विश्वास अर्जित किया है। उन्हें उम्मीद है कि ये सभी मंत्री राज्य के विकास को गति देंगे।
प्रधानमंत्री ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी स्मरण किया और कहा कि पश्चिम बंगाल और देश के लिए उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उनके विचार और दृष्टि आज भी विकास यात्रा को प्रेरित करते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने माखनलाल सरकार से मुलाकात का भी उल्लेख किया, जिन्होंने डॉ. मुखर्जी के साथ कार्य किया था और लंबे समय तक संगठन को मजबूत करने में योगदान दिया। मोदी ने कहा कि ऐसे प्रेरणादायी व्यक्तित्व पार्टी की शक्ति और जनाधार को मजबूत बनाते हैं।










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