पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के पांशकुड़ा क्षेत्र में रहने वाले छात्र सम्राट सामंत ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद माध्यमिक परीक्षा में सफलता हासिल कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। मां के निधन के गहरे सदमे के बीच भी उसने परीक्षा दी और 479 अंक प्राप्त किए। अपनी इस उपलब्धि को उसने अपनी दिवंगत मां को समर्पित किया है।
सम्राट सामंत पांशकुड़ा के महतपुर गांव का निवासी है और नौवीं कक्षा से तामलुक स्थित हैमिल्टन हाई स्कूल में अध्ययनरत था। वह पढ़ाई के दौरान स्कूल के हॉस्टल में रहता था। उसके पिता जिला होमगार्ड में कमांडेंट के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उसकी मां गृहिणी थीं।
माध्यमिक परीक्षा के पहले दिन उसके माता-पिता परीक्षा केंद्र पहुंचे थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद दोनों स्कूटी से घर लौट रहे थे, तभी पांशकुड़ा के चांपाडाली इलाके में तामलुक-घाटाल मार्ग पर एक बस ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में उसकी मां की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि पिता घायल हो गए।
घटना के बाद पिता ने बेटे को परीक्षा पर ध्यान केंद्रित रखने के लिए तत्काल यह दुखद समाचार नहीं बताया, ताकि वह अगले दिन की अंग्रेजी परीक्षा दे सके। बाद में परीक्षा के बाद सम्राट को घर बुलाकर पूरी घटना की जानकारी दी गई।
मां के अंतिम संस्कार और मुखाग्नि देने के बाद सम्राट ने शेष सभी परीक्षाएं दीं और परिणाम घोषित होने पर 479 अंक प्राप्त कर परीक्षा उत्तीर्ण की।
पिता ने बताया कि गहरे दुख के बावजूद बेटे ने हिम्मत नहीं खोई और अपनी पढ़ाई जारी रखी। सम्राट ने कहा कि उसकी मां हमेशा उसे पढ़ाई के लिए प्रेरित करती थीं और यदि वह आज जीवित होतीं तो उसकी सफलता से अत्यंत प्रसन्न होतीं, इसलिए उसने यह उपलब्धि उन्हें समर्पित की है।











