नई दिल्ली, 13 मई।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे की पहली सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अहमदाबाद (सारखेड़)-धोलेरा कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा और यह परियोजना लगभग 20,667 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में इस 134 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर को स्वीकृति दी गई, जिसे भारतीय रेलवे की पहली सेमी हाई-स्पीड परियोजना के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस परियोजना को स्वदेशी तकनीक के आधार पर तैयार किया जा रहा है और यह सरकार की आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसके तहत आधुनिक रेल ढांचे और उन्नत तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
यह प्रस्तावित रेल लाइन अहमदाबाद को धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र, आगामी धोलेरा हवाई अड्डे और लोथल राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर से जोड़ेगी, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और विकास को नई गति मिलेगी।
सरकार के अनुसार यह कॉरिडोर अहमदाबाद और धोलेरा के बीच यात्रा समय को काफी कम करेगा और दैनिक आवागमन तथा एक ही दिन में आने-जाने की सुविधा को आसान बनाएगा, जिससे परिवहन व्यवस्था अधिक सुलभ होगी।
इस परियोजना को देश में सेमी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के चरणबद्ध विस्तार के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में भी देखा जा रहा है, जो भविष्य की अन्य परियोजनाओं के लिए मार्गदर्शन का काम करेगा।
यह योजना पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता को एकीकृत ढांचे के माध्यम से मजबूत करना है।
सरकार ने कहा कि यह रेल कॉरिडोर क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा और रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर पैदा करेगा, जिससे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
यह परियोजना गुजरात के अहमदाबाद जिले को कवर करेगी और भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 134 किलोमीटर का विस्तार करेगी, जिससे करीब 284 गांवों और लगभग पांच लाख लोगों को बेहतर संपर्क सुविधा प्राप्त होगी।
इसके साथ ही सरकार ने पर्यावरणीय लाभों पर भी जोर दिया है, जिसमें कहा गया है कि इस रेल कॉरिडोर से लगभग 0.48 करोड़ लीटर तेल आयात में कमी आएगी और करीब 2 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन घटेगा, जो लगभग 10 लाख पेड़ लगाने के बराबर होगा।










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