कान्स, 13 मई
अभिनेत्री आलिया भट्ट ने कान्स फिल्म फेस्टिवल के दौरान भारतीय फिल्म उद्योग की पुरानी सोच और बॉक्स ऑफिस दृष्टिकोण को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि देश में आज भी अधिकतर फिल्में पुरुष दर्शकों की पसंद को प्राथमिकता देकर बनाई जाती हैं, जबकि महिला दर्शकों की मजबूत हिस्सेदारी को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इस संदर्भ में उन्होंने हॉलीवुड की फिल्म बार्बी की वैश्विक सफलता का उदाहरण भी दिया।
बातचीत के दौरान आलिया भट्ट ने यह भी कहा कि विश्वभर में कई ऐसी फिल्में रही हैं जिन्होंने महिला दर्शकों के दम पर शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने द डेविल वियर्स प्राडा और वुदरिंग हाइट्स जैसी फिल्मों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं पर केंद्रित कहानियां भी बड़े स्तर पर सफलता हासिल कर सकती हैं।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जब यह धारणा प्रचलित है कि भारतीय सिनेमा में अधिकांश दर्शक पुरुष हैं, तो महिला दर्शकों की रुचि और प्रभाव को कम क्यों आंका जाता है।
आलिया भट्ट ने स्पष्ट कहा कि फिल्मों को किसी एक वर्ग या जेंडर तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि कहानी की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म में मुख्य पात्र पुरुष हो या महिला, इससे कहानी की स्वीकार्यता प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
कान्स में आलिया लॉरियल पेरिस की वैश्विक ब्रांड एंबेसडर के रूप में शामिल हुई थीं। वहीं, कार्यक्षेत्र में वह जल्द ही लव एंड वॉर में रणबीर कपूर और विक्की कौशल के साथ नजर आएंगी, साथ ही उनकी आगामी स्पाई थ्रिलर अल्फा भी चर्चा में है।



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