मुंबई, 09 मई।
अमीषा पटेल एक बार फिर अपने बेबाक बयानों के कारण सुर्खियों में आ गई हैं। अभिनेत्री ने हाल ही में सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा करते हुए बॉलीवुड में बढ़ते फर्जी पीआर कल्चर पर तीखा प्रहार किया। उनके इन बयानों में खास तौर पर युवा अभिनेत्रियों को लेकर गंभीर टिप्पणियां देखने को मिलीं, जिनमें उन्होंने कहा कि आज के समय में सफलता का आधार प्रतिभा नहीं, बल्कि पैसे और पीआर रणनीतियां बनती जा रही हैं।
अभिनेत्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि कई अभिनेत्रियां बॉक्स ऑफिस पर बड़ी उपलब्धि हासिल किए बिना ही खुद को सुपरस्टार और नंबर वन कहलवाने के लिए भारी भरकम पीआर खर्च कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी कलाकार को तभी सुपरस्टार कहा जाना चाहिए, जब उसने बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता हासिल की हो, न कि केवल औसत फिल्मों या सेट पर उपस्थिति के आधार पर।
उन्होंने आगे यह भी कहा कि आज के दौर में सौ करोड़ का कलेक्शन भी किसी बड़ी उपलब्धि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और कलाकारों को खुद को नंबर वन साबित करने के लिए पीआर पर निर्भरता कम करनी चाहिए। अमीषा ने सोशल मीडिया और यूट्यूब पर सक्रिय कुछ आलोचकों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि नकारात्मक कंटेंट बनाने वाले लोग अपनी आजीविका के लिए ऐसा करते हैं, इसलिए उनसे प्रभावित होने की आवश्यकता नहीं है।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एक कलाकार तभी वैश्विक सुपरस्टार बनता है जब उसकी फिल्में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल करती हैं। उन्होंने अपनी फिल्मों ‘कहो ना प्यार है’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’ और ‘गदर 2’ का जिक्र करते हुए कहा कि ये उनकी सोलो ब्लॉकबस्टर फिल्में रही हैं, हालांकि उनका पीआर तंत्र हमेशा अपेक्षाकृत कमजोर रहा है।



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