नई दिल्ली, 20 अप्रैल
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा कि मिडिल ईस्ट में हाल की घटनाओं पर दोनों देशों ने अपने विचार साझा किए हैं और इस बात पर सहमति बनी है कि वहां स्थिरता और शांति की बहाली वैश्विक सुरक्षा एवं अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक है।
राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल को जो गर्मजोशी से स्वागत मिला है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था बताया तथा कहा कि कोरिया के राष्ट्रपति के रूप में आठ वर्षों बाद भारत आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपनी विशाल जनसंख्या और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ वैश्विक दक्षिण में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के तहत हो रहे विकास की उन्होंने सराहना की। साथ ही कोरिया को चिप निर्माण, सेमीकंडक्टर और सांस्कृतिक उद्योगों में अग्रणी बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति ली का स्वागत करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रेरक उदाहरण है, जिन्होंने हर चुनौती को जनसेवा के संकल्प में बदल दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और कोरिया के बीच सांस्कृतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में कोरियाई पॉप संस्कृति और धारावाहिकों की लोकप्रियता बढ़ रही है, जबकि कोरिया में भारतीय सिनेमा और संस्कृति की पहचान भी मजबूत हो रही है। इस सांस्कृतिक जुड़ाव को और गहरा करने के लिए वर्ष 2028 में भारत-कोरिया मैत्री महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
वैश्विक तनाव के इस दौर में दोनों नेताओं ने माना कि भारत और कोरिया मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश दे रहे हैं। कोरिया का अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और हिंद-प्रशांत महासागरीय पहल से जुड़ना सहयोग को नई दिशा देगा।








