नई दिल्ली, 18 मई।
देश के कई हिस्सों में बढ़ती गर्मी और लू के असर को देखते हुए आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने, पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों का सहारा लेने और आपात स्थिति में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
एडवाइजरी में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय तेज धूप से बचने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त पेय पदार्थों के सेवन को फायदेमंद बताया गया है।
मंत्रालय के अनुसार शिशु, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, खुले में काम करने वाले श्रमिक और हृदय रोग या उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोग लू के दौरान अधिक जोखिम में रहते हैं। ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही कार्यस्थलों, सार्वजनिक आयोजनों और खेल गतिविधियों के दौरान छायादार स्थान, पीने के पानी की व्यवस्था और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
सरकार ने चक्कर आना, तेज सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी, शरीर का तापमान बढ़ना और दौरे पड़ने जैसे लक्षणों को गंभीर संकेत बताते हुए सतर्क रहने को कहा है। हीटस्ट्रोक को मेडिकल इमरजेंसी मानते हुए गंभीर स्थिति में 108 और 102 हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई है।
आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेद, योग, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी पद्धतियों के जरिए भी गर्मी से बचाव के उपाय सुझाए हैं। आयुर्वेद में छाछ, नारियल पानी और पारंपरिक शीतल पेय उपयोगी बताए गए हैं, वहीं योग में शीतली प्राणायाम और हल्के अभ्यास को लाभकारी माना गया है। मंत्रालय ने खीरा, तरबूज, खरबूजा, नींबू, पेठा और टमाटर जैसे ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थ भोजन में शामिल करने की अपील की है। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।






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