भोपाल, 09 सितंबर।
मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलित चल रहे इंटर्न डॉक्टरों का धरना आखिरकार समाप्त हो गया है। राजधानी भोपाल के कमला पार्क के समीप धरने पर बैठे इन चिकित्सकों के साथ स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें उनके स्टाइपेंड को बढ़ाकर 21,500 रुपये करने पर सहमति बन गई है। सरकार के इस सकारात्मक रुख के बाद चिकित्सकों ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस लेने की घोषणा कर दी है।
इस तीन दिवसीय हड़ताल का सीधा असर प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर देखने को मिला। भोपाल के प्रमुख हमीदिया अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं, जिसके कारण दूर-दराज से आए मरीजों को बिना इलाज के ही मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। सामान्य दिनों की तुलना में होने वाले सर्जरी और उपचार कार्य भी इस दौरान काफी हद तक बाधित रहे, जिससे आम जनता को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए बल प्रयोग और वाटर कैनन के इस्तेमाल के मामले को भी गंभीरता से लिया गया है। शासन स्तर पर इस घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है, और शुरुआती कार्रवाई के तौर पर दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि चिकित्सकों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और भविष्य में इस तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।















