भोपाल, 26 अक्टूबर।
मिलन नर्मदीय ब्राह्मण सामाजिक संस्था की ओर से संस्कृत विश्वविद्यालय के भवभूति सभागृह में शरदोत्सव का आयोजन किया गया। समारोह में नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक रंग बिखेरे। कार्यक्रम में मंडलेश्वर के समाजसेवी विजय बड़ोले मुख्य अतिथि और डॉ. नरेंद्र दत्त गार्गव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अध्यक्षता डॉ. विजय पगारे ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वरा खेड़े की कथक प्रस्तुति से हुई। इसके बाद वेदिका साकल्ले, काव्या खरे सहित अन्य कलाकारों ने एकल और सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किए। रश्मि उपाध्याय और सलोनी उपाध्याय की युगल प्रस्तुति को भी दर्शकों की सराहना मिली। मिलन सांस्कृतिक समिति ने संत सिंगाजी के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति दी। एकल गायन और नृत्य की प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया।
हास्य नाट्य के जरिए दिखाई सांस्कृतिक पहचान
रेवा समूह ने 'हमारी संस्कृति, हमारी पहचान' विषय पर सामूहिक प्रस्तुति दी। इसमें हास्य नाट्य के माध्यम से परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को दर्शाया गया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम का संयोजन सीमा तारे ने किया। समारोह में प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पत्र और राकेश तारे के सौजन्य से पुरस्कार प्रदान किए गए। अंत में मृदुल चतुर्वेदी ने आभार व्यक्त किया।














