शिमला, 17 मार्च 2026।
हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के चौथे बजट से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पिछले तीन सालों में केवल घोषणाओं तक सीमित रही और धरातल पर कोई ठोस विकास नहीं दिख रहा।
डॉ. बिंदल ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस सरकार चौथा बजट पेश करने जा रही है, लेकिन इससे पहले यह सवाल उठता है कि पिछले तीन बजटों में की गई घोषणाओं का क्या हुआ। उनका कहना है कि प्रदेश की जनता अब सरकार से इसका जवाब मांग रही है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि हर बजट में बड़े वादे किए गए, लेकिन उन्हें लागू करने में सरकार नाकाम रही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अलग-अलग वर्गों में नाराजगी नजर आ रही है। सेवानिवृत्त कर्मचारी सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, बेरोजगार युवा आंदोलन कर रहे हैं, वहीं महिलाएं, किसान और बागवान भी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
डॉ. बिंदल ने 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय किए गए वादे कैबिनेट में मंजूर किए गए थे, लेकिन तीन साल बाद भी उनका कोई ठोस असर नहीं दिख रहा।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस ने पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख सरकारी नौकरियां देने और पहले साल में पांच लाख रोजगार उपलब्ध कराने का दावा किया था, लेकिन यह वादे अब तक पूरे नहीं हुए। इसके अलावा 28 लाख महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने की गारंटी भी लागू नहीं हो पाई।
उन्होंने कहा कि किसानों, बागवानों और युवाओं से जुड़े कई अहम वादे आज भी अधूरे हैं। उन्होंने सवाल किया कि बजट में घोषित योजनाओं का क्रियान्वयन क्यों नहीं हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है।
आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले तीन सालों में करीब 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया है, लेकिन आम जनता को इसका कोई सीधा लाभ नहीं मिला। उन्होंने पूछा कि यह पैसा कहां खर्च हुआ और किसे लाभ मिला।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार कर्ज ले रही है, वहीं आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीजल पर वैट बढ़ा, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस में इजाफा हुआ, एचआरटीसी बस किराया बढ़ा, बिजली और पानी की दरें बढ़ीं और सीमेंट समेत कई जरूरी वस्तुएं महंगी हुई हैं।












